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अवैध कब्जे से परेशान बुजुर्ग महिला ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

संत कबीर नगर के थाना दुधारा क्षेत्र के मेलानखुर्द बुजुर्ग गाँव की 70 वर्षीय बंसती देवी ने अपने घर के सामने की बंजर जमीन पर अवैध कब्जे से परेशान होकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। बंसती देवी का आरोप है कि उनके पड़ोसी, हरीराम, तुलसी, लालजी, बल्लू, और राजेश सहित अन्य लोग, जबरन उनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। इन पड़ोसियों ने जमीन पर बांस बल्ली गाड़कर वहां कूड़ा-कचरा और गोबर डालना शुरू कर दिया है, जिससे उनका घर से बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया है।

बंसती देवी का कहना है कि यह जमीन उनके कब्जे में रही है और अब उनके विरोध करने पर उन्हें गालियाँ दी जाती हैं और जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति स्वर्गीय प्रहलाद पासवान का काफी समय पहले निधन हो चुका है और अब वह अकेले ही घर में रह रही हैं। उनके तीन बेटों में से दो दूसरे प्रदेश में मजदूरी करते हैं और एक अपने ससुराल में रहता है, जिसके कारण वह अकेली पड़ गई हैं।

बंसती देवी का आरोप है कि उनके पड़ोसी उनके अकेलेपन का फायदा उठाकर उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले पुलिस को भी सूचित किया था, जिसके बाद कुछ समय के लिए अतिक्रमण रुक गया था, लेकिन अब फिर से इन पड़ोसियों द्वारा यह कार्य शुरू कर दिया गया है।

बंसती देवी ने स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि इस अवैध कब्जे की जांच कर इसे तुरंत हटाया जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो उनकी परेशानी और बढ़ सकती है। पीड़ित महिला ने मीडिया के माध्यम से भी इस मामले में मदद की गुहार लगाई है और सरकार से उम्मीद जताई है कि उनके साथ न्याय होगा।

क्या है पूरा मामला?

संत कबीर नगर के मेलानखुर्द बुजुर्ग गाँव की 70 वर्षीय बंसती देवी की जमीन पर दबंग किस्म के पड़ोसी, हरीराम, तुलसी, लालजी, बल्लू, और राजेश ने अवैध कब्जे की कोशिश की है। उन्होंने बंसती देवी के घर के सामने बंजर जमीन पर बांस बल्ली गाड़कर कूड़ा-कचरा डालना शुरू कर दिया, जिससे उनका निकलने का रास्ता बाधित हो गया। विरोध करने पर उन्हें धमकियाँ दी गईं। बंसती देवी के बेटे निर्मल ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है, ताकि उनकी माँ को न्याय मिल सके और कब्जा हटाया जा सके।

 

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

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